कोविड वैक्सिंग लगवाने जाना है।

समय आ गया। कोविड का वैक्सिंग लगवाने जाना है। और मैं सोच रहा था की वैक्सीन लगाने के बाद क्या समस्याओं से मैं खेलूंगा? यही सब सोचा था मन में कई तरह के विचार आ रहे थे।

फिर भी मैं अंदर से पूरी तरह तैयार था। कोविड वैक्सीन लेने के लिए नौकरी से आया खाना मैंने पकाया खाना खाया। उसके बाद मैंने कुछ लोगों से फोन पर बात किया।

अपनी फैमिली से फोन पर बात किया। उनको बताया कि आज जो है कोविड वैक्सिंग लगने वाला है मुझे। उसके बाद थोड़ी देर के लिए आराम करने के लिए सोफे पर लेट गया।

4:30 बज रहे थे। 6:10 पर मेरा अपॉइंटमेंट था। मुझे हॉस्पिटल जाना था। जहां पर वैक्सीन लगाया जाता। तो मैंने सोचा था कि 5:30 पर घर से निकलूंगा।

और हॉस्पिटल जाऊंगा। वहां देख लूंगा कि क्या हो रहा है? फिर 6 बज के 10 मिनट पर अपने आप को वैक्सीन लगाने के लिए करूंगा। पर क्या हुआ? 4:30 बजे के आसपास मेरे पास मेरे एक शहकमचारी का व्हाट्सएप आया कि आज वैक्सीनेशन का प्रोग्राम कैंसिल कर दिया गया है। 

क्यों किया गया है? क्योंकि वैक्सीन का दूसरा डोज उपलब्ध नहीं है। उसके कारण हॉस्पिटल ने डिसाइड किया कि वैक्सीन उन लोगों को दिया जाएगा जो कि कोविड वायरस से ग्रसित हुए थे। फिर मैंने देखा कि और जगह से भी मेरे पास व्हाट्सएप आया कि आज शाम को जिनको को भी कोविड वैक्सीन लगना था, वह कैंसिल हो गया है 

फिर भी मैं 5:30 बजे हॉस्पिटल गया। और उस जगह पर गया जहां पर लगना था वहां तीन बैठी हुई थी। उन्होंने मुझसे पूछा कि आप वैक्सीनेशन के लिए आए हैं। उन्होंने मुझे बताया कि आज का वैक्सीनेशन का प्रोग्राम कैंसिल हो गया है और हम आपको जो है बाद में इनफॉर्म करेंगे। आपको लगने वाला है। उन्होंने यह भी मुझसे पूछा कि क्या आप कोविड से ग्रसित थे, मैंने कहा नहीं तब उन्होंने बताया कि आपको इंतजार करना पड़ेगा। 
चलिए आज का जो है यह वैक्सीनेशन का प्रोग्राम कैंसिल हो गया पर मुझे समझ में नहीं आया क्योंकि मेरी एक दोस्त ने एक न्यूज़ पेपर का कटिंग भेजा। फोटो भेजा! और उसने बताया कि लोकल गवर्नमेंट कह रही है कि जल्दी ही सभी को वैक्सीन लगाया जाएगा 

पर ऐसा क्या हो गया वैक्सिंग का सफिशिएंट अमाउंट नहीं है।

चलिए जो भी है। एक चीज है कि जो आप न्यूज़ पेपर में देखते हैं टेलीविजन पर देखते हैं। जहां पर बड़े-बड़े चीजें बताई जाती हैं कि यह है। इतना है ऐसे है पापुलेशन को बताया जाता है पर रियलिटी कुछ और होता है।

जो रियल में काम कर रहे हैं, उनको पता होता है कि कितना है, कितना नहीं है कितने लोग को लग सकता है कितने लोगों को नहीं लग सकता है?

यह भी बताया गया कि हर दिन जो है एक कंपनी का 

एक फाइजर का हो गया, फिर एस्टरजिनका हो गया तो मॉडर्न का हो गया तो वह हर दिन अलग-अलग कंपनियों का वैक्सीन लग रहा है। 

चलिए कब फिर से बुलाया जाता है मुझे कब फिर से हॉस्पिटल से फोन कॉल आएगा। एसएमएस भी भेजा जाएगा कि आपको जो है इस दिन हॉस्पिटल आना है, आपको वैक्सीन लगेगा।

तब तक इंतजार किया जाए, देखते हैं कब होता है? जैसा मैंने पहले भी कहा कि वैक्सीनेशन उसमें जो है पार्टिसिपेट करना चाहिए। 

मैंने आप लोगों को नहीं बताया कि आज सुबह-सुबह मेरे पास एक और मैसेज आया था s.m.s. उसमें बोला गया था कि आप 2:00 बजे से पहले जो है हॉस्पिटल आ जाइए। और आपका इम्यून सिस्टम कैसा है उसका कोई स्टडी चल रही है उसमें आप पार्टिसिपेट कर सकते हैं। क्योंकि मैंने मैसेज जो है 1:30 बजे देखा। इसलिए मैं 2:00 बजे वहां नहीं पहुंच पाया क्योंकि उसमें लिखा था 2:00 बजे से पहले आना है आपको। और वह मुश्किल था वहां पर पहुंचना 

मुझे यह लगा कि वैक्सीनेशन से पहले इम्यून सिस्टम चेक करेंगे और वैक्सीनेशन के बाद फिर से मेरा इम्यून सिस्टम चेक करेंगे यह एक प्रोजेक्ट स्टडी है। 

दो चीजें हैं एक तो वैक्सीनेशन दूसरा जो है प्रोजेक्ट स्टडी मतलब आप वैक्सीनेशन प्रोग्राम में भाग लीजिए, दूसरा जो है इन्वेस्टिगेशन चल रहा है उसमें भी पार्टिसिपेट।

अगर अपॉर्चुनिटी मिल रही है तो करना चाहिए।  

अब देखते हैं आगे क्या होता है?

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